Sunday, 19 May 2019

3. जब वो अज़नबी थे।

मोहब्बत भी क्या खूब की उन्होंने हमसे,
एक तरफ हमसे मोहब्बत,
और दूसरी तरफ जमाने की फ़िक्र।
मोहब्बत ने हमें जाने नहीं दिया,
और जमाने ने हमें जीने नहीं दिया।
काश कोई समझाये उनको
की मोहब्बत तो मोहब्बत होती है।
मोहब्बत तो उस जमाने ने भी की होगी,
किसी से बस फर्क इतना है
की उसकी मोहब्बत मुकम्मल
नहीं हुई,
तो मेरी मोहब्बत को बर्बाद करने चल दिये।

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